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ramayan 5.1.199: उन वीर वानरों द्वारा मारी गई वह सिंहनी शीघ्र ही जल में गिर पड़ी। यह देखकर आकाश में विचरण करने वाले प्राणी उन श्रेष्ठ वानरों से बोले-॥199॥   |   ramayan सर्ग 5.1: हनुमान् जी के द्वारा समुद्र का लङ्घन, मैनाक के द्वारा उनका स्वागत, सुरसा पर उनकी विजय तथा सिंहिका का वध,लंका की शोभा देखना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 1: हनुमान् जी के द्वारा समुद्र का लङ्घन, मैनाक के द्वारा उनका स्वागत, सुरसा पर उनकी विजय तथा सिंहिका का वध,लंका की शोभा देखना  »  श्लोक 199
 
 
श्लोक  5.1.199 
तां हतां वानरेणाशु पतितां वीक्ष्य सिंहिकाम्।
भूतान्याकाशचारीणि तमूचु: प्लवगोत्तमम्॥ १९९॥
 
 
अनुवाद
उन वीर वानरों द्वारा मारी गई वह सिंहनी शीघ्र ही जल में गिर पड़ी। यह देखकर आकाश में विचरण करने वाले प्राणी उन श्रेष्ठ वानरों से बोले-॥199॥
 
Soon the lioness fell into the water after being killed by those brave monkeys. Seeing this, the creatures roaming in the sky spoke to those best of the apes -॥199॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)