Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.1.19: विशाल सर्प अपने विशाल फन से विषैली आग उगलते हुए, जिन पर स्वस्तिक* चिन्ह स्पष्ट दिखाई दे रहा था, पहाड़ की चट्टानों को अपने दांतों से काटने लगे। | ramayan सर्ग 5.1: हनुमान् जी के द्वारा समुद्र का लङ्घन, मैनाक के द्वारा उनका स्वागत, सुरसा पर उनकी विजय तथा सिंहिका का वध,लंका की शोभा देखना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विशाल सर्प अपने विशाल फन से विषैली आग उगलते हुए, जिन पर स्वस्तिक* चिन्ह स्पष्ट दिखाई दे रहा था, पहाड़ की चट्टानों को अपने दांतों से काटने लगे।
Huge serpents, spewing venomous fire from their huge hoods on which the Swastika* symbol was clearly visible, began biting the rocks of the mountain with their teeth.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥