Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.1.146: तुम पर्वत के समान विशाल, अत्यन्त भयंकर राक्षसी का रूप धारण करो। उसके विशाल दाँत, पीले नेत्र और आकाश को छूने वाला भयंकर मुख उत्पन्न करो॥146॥ | ramayan सर्ग 5.1: हनुमान् जी के द्वारा समुद्र का लङ्घन, मैनाक के द्वारा उनका स्वागत, सुरसा पर उनकी विजय तथा सिंहिका का वध,लंका की शोभा देखना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तुम पर्वत के समान विशाल, अत्यन्त भयंकर राक्षसी का रूप धारण करो। उसके विशाल दाँत, पीले नेत्र और आकाश को छूने वाला भयंकर मुख उत्पन्न करो॥146॥
‘You assume the form of a very terrifying demoness, as big as a mountain. Create in her huge teeth, yellow eyes and a fierce mouth that touches the sky.॥ 146॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥