Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.1.129: हे वानर! कृपया यहाँ अपनी थकान दूर करें, हमारी प्रार्थना स्वीकार करें और हमारा प्रेम भी स्वीकार करें। आप जैसे पूजनीय पुरुष को देखकर मैं बहुत प्रसन्न हूँ।॥129॥ | ramayan सर्ग 5.1: हनुमान् जी के द्वारा समुद्र का लङ्घन, मैनाक के द्वारा उनका स्वागत, सुरसा पर उनकी विजय तथा सिंहिका का वध,लंका की शोभा देखना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्रमं मोक्षय पूजां च गृहाण हरिसत्तम।
प्रीतिं च मम मान्यस्य प्रीतोऽस्मि तव दर्शनात्॥ १२९॥
अनुवाद
हे वानर! कृपया यहाँ अपनी थकान दूर करें, हमारी प्रार्थना स्वीकार करें और हमारा प्रेम भी स्वीकार करें। आप जैसे पूजनीय पुरुष को देखकर मैं बहुत प्रसन्न हूँ।॥129॥
O monkey-head! Please relieve yourself of your fatigue here, accept our prayers and also accept my love. I am very pleased to see a respectable person like you.'॥ 129॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥