Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.1.127: हे पवनपुत्र! वानरों में श्रेष्ठ! इसीलिए मैं तुम्हारा आदर करता हूँ, तुम मेरे द्वारा आदरणीय हो। तुम्हारे साथ मेरा यह सम्बन्ध महान गुणों से परिपूर्ण है॥127॥ | ramayan सर्ग 5.1: हनुमान् जी के द्वारा समुद्र का लङ्घन, मैनाक के द्वारा उनका स्वागत, सुरसा पर उनकी विजय तथा सिंहिका का वध,लंका की शोभा देखना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे पवनपुत्र! वानरों में श्रेष्ठ! इसीलिए मैं तुम्हारा आदर करता हूँ, तुम मेरे द्वारा आदरणीय हो। तुम्हारे साथ मेरा यह सम्बन्ध महान गुणों से परिपूर्ण है॥127॥
‘Son of wind! Best of the monkeys! That is why I respect you, you are respected by me. This relationship of mine with you is full of great qualities.॥ 127॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥