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ramayan 5.1.109: हनुमान जी द्वारा इस प्रकार देखे जाने पर पर्वतश्रेष्ठ मैनाक बहुत प्रसन्न हुआ और गर्जना करने लगा।   |   ramayan सर्ग 5.1: हनुमान् जी के द्वारा समुद्र का लङ्घन, मैनाक के द्वारा उनका स्वागत, सुरसा पर उनकी विजय तथा सिंहिका का वध,लंका की शोभा देखना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.1.109 
स तदासादितस्तेन कपिना पर्वतोत्तम:।
बुद्‍ध्वा तस्य हरेर्वेगं जहर्ष च ननाद च॥ १०९॥
 
 
अनुवाद
हनुमान जी द्वारा इस प्रकार देखे जाने पर पर्वतश्रेष्ठ मैनाक बहुत प्रसन्न हुआ और गर्जना करने लगा।
 
On being thus looked down upon by Hanuman, the greatest of mountains, Mainak became very pleased and began to roar.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)