Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 4.7.3: "लेकिन मैं आपको शपथपूर्वक कहता हूँ कि मैं आपको मिथिला की पुत्री सीता दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करूँगा, इसलिए हे वीर शत्रुदमन, कृपया अपना शोक त्याग दें।   |   ramayan सर्ग 4.7: सुग्रीव का श्रीराम को समझाना तथा श्रीराम का सुग्रीव को उनकी कार्य सिद्धि का विश्वास दिलाना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 7: सुग्रीव का श्रीराम को समझाना तथा श्रीराम का सुग्रीव को उनकी कार्य सिद्धि का विश्वास दिलाना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  4.7.3 
सत्यं तु प्रतिजानामि त्यज शोकमरिंदम।
करिष्यामि तथा यत्नं यथा प्राप्स्यसि मैथिलीम्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
"लेकिन मैं आपको शपथपूर्वक कहता हूँ कि मैं आपको मिथिला की पुत्री सीता दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करूँगा, इसलिए हे वीर शत्रुदमन, कृपया अपना शोक त्याग दें।
 
"But I swear to you that I will make every effort to ensure that you get Mithila's daughter Sita, therefore, O brave Shatrudaman, please give up your grief.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)