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ramayan 4.7.23: श्री रघुनाथजी के वचन, विशेषकर उनकी प्रतिज्ञा सुनकर सुग्रीव अपने वानर मन्त्रियों सहित अत्यन्त प्रसन्न हुए।   |   ramayan सर्ग 4.7: सुग्रीव का श्रीराम को समझाना तथा श्रीराम का सुग्रीव को उनकी कार्य सिद्धि का विश्वास दिलाना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  4.7.23 
तत: प्रहृष्ट: सुग्रीवो वानरै: सचिवै: सह।
राघवस्य वच: श्रुत्वा प्रतिज्ञातं विशेषत:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
श्री रघुनाथजी के वचन, विशेषकर उनकी प्रतिज्ञा सुनकर सुग्रीव अपने वानर मन्त्रियों सहित अत्यन्त प्रसन्न हुए।
 
Hearing the words of Sri Raghunathji, especially his pledge, Sugreeva along with his monkey ministers became very happy. 23.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)