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ramayan 4.7.12: जो लोग शोक का पालन करते हैं, उन्हें सुख नहीं मिलता और उनका तेज भी क्षीण हो जाता है; इसलिए तुम्हें शोक नहीं करना चाहिए॥12॥   |   ramayan सर्ग 4.7: सुग्रीव का श्रीराम को समझाना तथा श्रीराम का सुग्रीव को उनकी कार्य सिद्धि का विश्वास दिलाना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  4.7.12 
ये शोकमनुवर्तन्ते न तेषां विद्यते सुखम्।
तेजश्च क्षीयते तेषां न त्वं शोचितुमर्हसि॥ १२॥
 
 
अनुवाद
जो लोग शोक का पालन करते हैं, उन्हें सुख नहीं मिलता और उनका तेज भी क्षीण हो जाता है; इसलिए तुम्हें शोक नहीं करना चाहिए॥12॥
 
Those who follow mourning do not find happiness and their brilliance also diminishes; therefore you should not mourn.॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)