श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 66: जाम्बवान् का हनुमानजी को उनकी उत्पत्ति कथा सुनाकर समुद्रलङ्घन के लिये उत्साहित करना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  4.66.3 
हनूमन् हरिराजस्य सुग्रीवस्य समो ह्यसि।
रामलक्ष्मणयोश्चापि तेजसा च बलेन च॥ ३॥
 
 
अनुवाद
हे हनुमान! आप वानरराज सुग्रीव के समान पराक्रमी हैं और तेज तथा बल में श्री राम और लक्ष्मण के समान हैं।
 
Hanuman! You are as mighty as the monkey king Sugriva and are equal to Shri Ram and Lakshman in speed and strength. 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)