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श्लोक 4.65.28  |
उक्तवाक्यं महाप्राज्ञं जाम्बवन्तं महाकपि:।
प्रत्युवाचोत्तरं वाक्यं वालिसूनुरथाङ्गद:॥ २८॥ |
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| अनुवाद |
| जब परम बुद्धिमान जाम्बवान् ने उपर्युक्त वचन कहे, तब महाबली वानर वालिकुमार अंगद ने उन्हें इस प्रकार उत्तर दिया -॥28॥ |
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| When the most intelligent Jambavan had said the above words, then the great monkey Valikumar Angada replied to him in this way -॥ 28॥ |
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