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श्लोक 4.65.16  |
स इदानीमहं वृद्ध: प्लवने मन्दविक्रम:।
यौवने च तदासीन्मे बलमप्रतिमं परम्॥ १६॥ |
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| अनुवाद |
| अब मैं बूढ़ा हो गया हूँ, इसलिए मेरी कूदने की शक्ति बहुत कम हो गई है; परंतु युवावस्था में मुझमें ऐसा महान बल था, जो अन्यत्र कहीं भी नहीं है॥16॥ |
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| Now I have grown old, so my power to jump has diminished considerably; but in my youth I had such great strength that is unmatched anywhere.॥ 16॥ |
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