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ramayan 4.64.8: उस समुद्र को देखकर सारी वानर सेना को शोक में डूबी हुई देखकर वानरों में श्रेष्ठ अंगद ने उन भयभीत वानरों को आश्वासन देते हुए कहा- ॥8॥   |   ramayan सर्ग 4.64: समुद्र की विशालता देखकर विषाद में पड़े हुए वानरों को आश्वासन दे अङ्गद का उनसे पृथक्-पृथक् समुद्र-लङ्घन के लिये उनकी शक्ति पूछना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 64: समुद्र की विशालता देखकर विषाद में पड़े हुए वानरों को आश्वासन दे अङ्गद का उनसे पृथक्-पृथक् समुद्र-लङ्घन के लिये उनकी शक्ति पूछना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  4.64.8 
विषण्णां वाहिनीं दृष्ट्वा सागरस्य निरीक्षणात्।
आश्वासयामास हरीन् भयार्तान् हरिसत्तम:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
उस समुद्र को देखकर सारी वानर सेना को शोक में डूबी हुई देखकर वानरों में श्रेष्ठ अंगद ने उन भयभीत वानरों को आश्वासन देते हुए कहा- ॥8॥
 
After seeing that ocean, seeing the entire monkey army drowned in sadness, Angad, the best of the monkeys, said while giving assurance to those fearful monkeys – ॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)