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ramayan 4.64.14: शत्रु योद्धाओं का दमन करने वाले श्री अंगद ने उन वृद्ध वानरों का आदर करके उनसे यह अर्थपूर्ण बात कही-॥14॥   |   ramayan सर्ग 4.64: समुद्र की विशालता देखकर विषाद में पड़े हुए वानरों को आश्वासन दे अङ्गद का उनसे पृथक्-पृथक् समुद्र-लङ्घन के लिये उनकी शक्ति पूछना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 64: समुद्र की विशालता देखकर विषाद में पड़े हुए वानरों को आश्वासन दे अङ्गद का उनसे पृथक्-पृथक् समुद्र-लङ्घन के लिये उनकी शक्ति पूछना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  4.64.14 
ततस्तान् हरिवृद्धांश्च तच्च सैन्यमरिंदम:।
अनुमान्याङ्गद: श्रीमान् वाक्यमर्थवदब्रवीत्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
शत्रु योद्धाओं का दमन करने वाले श्री अंगद ने उन वृद्ध वानरों का आदर करके उनसे यह अर्थपूर्ण बात कही-॥14॥
 
Mr. Angad, who suppressed the enemy warriors, respected those old monkeys and said this meaningful thing to them -॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)