श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 58: सम्पाति का अपने पंख जलने की कथा सुनाना, सीता और रावण का पता बताना तथा वानरों की सहायता से समुद्र-तट पर जाकर भाई को जलाञ्जलि देना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  4.58.19 
पुत्रो विश्रवस: साक्षाद् भ्राता वैश्रवणस्य च।
अध्यास्ते नगरीं लङ्कां रावणो नाम राक्षस:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
रावण नामक राक्षस महर्षि विश्रवा का पुत्र और कुबेर का भाई है। वह लंका नामक नगरी में निवास करता है। 19॥
 
The demon named Ravana is the son of Maharishi Vishrava and actually the brother of Kubera. He resides in a city named Lanka. 19॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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