Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.52.23-24h: अब कृपा करके हमें इस गड्ढे से बाहर निकालिए। हम सुग्रीव द्वारा दी गई समय-सीमा पार कर चुके हैं, अतः अब हमारा जीवनकाल समाप्त हो गया है। हम सभी सुग्रीव से भयभीत हैं। अतः कृपा करके हमारा उद्धार कीजिए॥ 23 1/2॥ | ramayan सर्ग 4.52: तापसी स्वयंप्रभा के पूछने पर वानरों का उसे अपना वृत्तान्त बताना और उसके प्रभाव से गुफा के बाहर निकलकर समुद्रतट पर पहुँचना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अब कृपा करके हमें इस गड्ढे से बाहर निकालिए। हम सुग्रीव द्वारा दी गई समय-सीमा पार कर चुके हैं, अतः अब हमारा जीवनकाल समाप्त हो गया है। हम सभी सुग्रीव से भयभीत हैं। अतः कृपा करके हमारा उद्धार कीजिए॥ 23 1/2॥
‘Now please take us out of this hole. We have crossed the time limit given by Sugreeva, so now our life span is over. We are all scared of Sugreeva. So please rescue us.॥ 23 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥