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ramayan 4.52.18-19h: स्वयंप्रभा सर्वज्ञ थीं। जब उन वानरों ने ऐसा कहा, तब उन्होंने उन समस्त युतपतियों को इस प्रकार उत्तर दिया -   |   ramayan सर्ग 4.52: तापसी स्वयंप्रभा के पूछने पर वानरों का उसे अपना वृत्तान्त बताना और उसके प्रभाव से गुफा के बाहर निकलकर समुद्रतट पर पहुँचना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 52: तापसी स्वयंप्रभा के पूछने पर वानरों का उसे अपना वृत्तान्त बताना और उसके प्रभाव से गुफा के बाहर निकलकर समुद्रतट पर पहुँचना  »  श्लोक 18-19h
 
 
श्लोक  4.52.18-19h 
एवमुक्ता तु सर्वज्ञा वानरैस्तै: स्वयंप्रभा॥ १८॥
प्रत्युवाच तत: सर्वानिदं वानरयूथपान्।
 
 
अनुवाद
स्वयंप्रभा सर्वज्ञ थीं। जब उन वानरों ने ऐसा कहा, तब उन्होंने उन समस्त युतपतियों को इस प्रकार उत्तर दिया -
 
Swayamprabha was omniscient. When those monkeys said this, she replied to all those Yutapatis in this manner –
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)