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श्लोक 4.52.15  |
इदं प्रविष्टा: सहसा बिलं तिमिरसंवृतम्।
एतन्न: कार्यमेतेन कृत्येन वयमागता:॥ १५॥ |
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| अनुवाद |
| इस प्रकार हम अचानक इस अन्धकारमय गुफा में प्रविष्ट हो गये। यही हमारा कार्य है और इसी उद्देश्य से हम यहाँ आये हैं॥15॥ |
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| ‘This is how we suddenly entered this dark cave. This is our work and for this very purpose we have come here.॥ 15॥ |
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