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ramayan 4.52.13: ‘तब मैंने वानरों से कहा, ‘यदि हम इसके अन्दर प्रवेश करें तो अच्छा होगा।’ इन सब वानरों ने भी अनुमान लगा लिया कि गुफा के अन्दर जल है।॥13॥   |   ramayan सर्ग 4.52: तापसी स्वयंप्रभा के पूछने पर वानरों का उसे अपना वृत्तान्त बताना और उसके प्रभाव से गुफा के बाहर निकलकर समुद्रतट पर पहुँचना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 52: तापसी स्वयंप्रभा के पूछने पर वानरों का उसे अपना वृत्तान्त बताना और उसके प्रभाव से गुफा के बाहर निकलकर समुद्रतट पर पहुँचना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  4.52.13 
साध्वत्र प्रविशामेति मया तूक्ता: प्लवङ्गमा:।
तेषामपि हि सर्वेषामनुमानमुपागतम्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
‘तब मैंने वानरों से कहा, ‘यदि हम इसके अन्दर प्रवेश करें तो अच्छा होगा।’ इन सब वानरों ने भी अनुमान लगा लिया कि गुफा के अन्दर जल है।॥13॥
 
‘Then I said to the monkeys, ‘It would be better if we enter inside it.’ All these monkeys also guessed that there is water inside the cave.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)