Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.50.9-10h: वे लताओं और वृक्षों से आच्छादित उस विशाल गुफा की ओर देखने लगे। इतने में ही उसमें से कौवे, हंस, सारस और जल में भीगे चक्रवाक पक्षी निकले, जिनके अंग कमल के पराग से रक्तवर्ण हो रहे थे। | ramayan सर्ग 4.50: भूखे-प्यासे वानरों का एक गुफा में घुसकर वहाँ दिव्य वृक्ष, दिव्य सरोवर, दिव्य भवन तथा एक वृद्धा तपस्विनी को देखना और हनुमान जी का उसका परिचय पूछना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे लताओं और वृक्षों से आच्छादित उस विशाल गुफा की ओर देखने लगे। इतने में ही उसमें से कौवे, हंस, सारस और जल में भीगे चक्रवाक पक्षी निकले, जिनके अंग कमल के पराग से रक्तवर्ण हो रहे थे।
So they started looking towards the huge cave covered with creepers and trees. Meanwhile, crows, swans, cranes and water-soaked Chakravaka birds, whose limbs were turning blood-coloured due to the pollen of lotus, came out from within it.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥