Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.50.8: उसमें प्रवेश करना बहुत कठिन था। वह गुफा ऋषबिल नाम से प्रसिद्ध थी और उसकी रक्षा के लिए एक राक्षस रहता था। बंदर भूखे-प्यासे थे। वे बहुत थके हुए थे और पानी पीना चाहते थे। 8. | ramayan सर्ग 4.50: भूखे-प्यासे वानरों का एक गुफा में घुसकर वहाँ दिव्य वृक्ष, दिव्य सरोवर, दिव्य भवन तथा एक वृद्धा तपस्विनी को देखना और हनुमान जी का उसका परिचय पूछना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दुर्गमृक्षबिलं नाम दानवेनाभिरक्षितम्।
क्षुत्पिपासापरीतास्तु श्रान्तास्तु सलिलार्थिन:॥ ८॥
अनुवाद
उसमें प्रवेश करना बहुत कठिन था। वह गुफा ऋषबिल नाम से प्रसिद्ध थी और उसकी रक्षा के लिए एक राक्षस रहता था। बंदर भूखे-प्यासे थे। वे बहुत थके हुए थे और पानी पीना चाहते थे। 8.
It was very difficult to enter it. That cave was famous by the name of Rishbil and a demon lived to protect it. The monkeys were hungry and thirsty. They were very tired and wanted to drink water. 8.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥