Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.50.24-25h: तत्पश्चात्, अंधकार से निकलकर प्रकाशित भूमि में आकर, सज्जन वानरों ने एक अंधकार-रहित वन देखा, जहाँ सभी वृक्ष सुनहरे थे और उनमें से अग्नि के समान आभा निकल रही थी। | ramayan सर्ग 4.50: भूखे-प्यासे वानरों का एक गुफा में घुसकर वहाँ दिव्य वृक्ष, दिव्य सरोवर, दिव्य भवन तथा एक वृद्धा तपस्विनी को देखना और हनुमान जी का उसका परिचय पूछना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात्, अंधकार से निकलकर प्रकाशित भूमि में आकर, सज्जन वानरों ने एक अंधकार-रहित वन देखा, जहाँ सभी वृक्ष सुनहरे थे और उनमें से अग्नि के समान आभा निकल रही थी।
Thereafter, coming out of the darkness into the illuminated land, the gentle monkeys saw a dark-free forest where all the trees were golden and radiated a glow like that of fire. 24 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥