Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 4.50.20-21h: वे बड़े-बड़े वानरों ने बड़ी फुर्ती से उस गड्ढे में प्रवेश किया। अंदर जाकर उन्होंने देखा कि वह स्थान बहुत ही सुन्दर, चमकीला और मनोहर था।   |   ramayan सर्ग 4.50: भूखे-प्यासे वानरों का एक गुफा में घुसकर वहाँ दिव्य वृक्ष, दिव्य सरोवर, दिव्य भवन तथा एक वृद्धा तपस्विनी को देखना और हनुमान जी का उसका परिचय पूछना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 50: भूखे-प्यासे वानरों का एक गुफा में घुसकर वहाँ दिव्य वृक्ष, दिव्य सरोवर, दिव्य भवन तथा एक वृद्धा तपस्विनी को देखना और हनुमान जी का उसका परिचय पूछना  »  श्लोक 20-21h
 
 
श्लोक  4.50.20-21h 
ते प्रविष्टास्तु वेगेन तद् बिलं कपिकुञ्जरा:॥ २०॥
प्रकाशं चाभिरामं च ददृशुर्देशमुत्तमम्।
 
 
अनुवाद
वे बड़े-बड़े वानरों ने बड़ी फुर्ती से उस गड्ढे में प्रवेश किया। अंदर जाकर उन्होंने देखा कि वह स्थान बहुत ही सुन्दर, चमकीला और मनोहर था।
 
Those great monkeys entered the hole very quickly. Going inside they saw that the place was very beautiful, bright and beautiful.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)