Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.50.15-17h: 'इस सामने वाली गुफा से हंस, सारस, सारस और पानी में भीगे तीतर निकल रहे हैं। इसलिए इसमें ज़रूर कोई कुआँ या कोई और जलाशय होगा। इसीलिए इस गुफा के प्रवेश द्वार के पास के पेड़ इतने हरे-भरे हैं।' | ramayan सर्ग 4.50: भूखे-प्यासे वानरों का एक गुफा में घुसकर वहाँ दिव्य वृक्ष, दिव्य सरोवर, दिव्य भवन तथा एक वृद्धा तपस्विनी को देखना और हनुमान जी का उसका परिचय पूछना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अस्माच्चापि बिलाद्धंसा: क्रौञ्चाश्च सह सारसै:॥ १५॥
जलार्द्राश्चक्रवाकाश्च निष्पतन्ति स्म सर्वश:।
नूनं सलिलवानत्र कूपो वा यदि वा ह्रद:॥ १६॥
तथा चेमे बिलद्वारे स्निग्धास्तिष्ठन्ति पादपा:।
अनुवाद
'इस सामने वाली गुफा से हंस, सारस, सारस और पानी में भीगे तीतर निकल रहे हैं। इसलिए इसमें ज़रूर कोई कुआँ या कोई और जलाशय होगा। इसीलिए इस गुफा के प्रवेश द्वार के पास के पेड़ इतने हरे-भरे हैं।'
‘Swans, cranes, storks and water-soaked partridges are coming out from this cave in front. Hence, there must be a water well or some other reservoir in it. That is why the trees near the entrance of this cave are so green.’
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥