Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.50.13-14h: उस समय पर्वत शिखर के समान दिखाई देने वाले और दुर्गम वन के जानकार पवनपुत्र हनुमान्जी उन भयंकर वानरों से बोले-॥13 1/2॥ | ramayan सर्ग 4.50: भूखे-प्यासे वानरों का एक गुफा में घुसकर वहाँ दिव्य वृक्ष, दिव्य सरोवर, दिव्य भवन तथा एक वृद्धा तपस्विनी को देखना और हनुमान जी का उसका परिचय पूछना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस समय पर्वत शिखर के समान दिखाई देने वाले और दुर्गम वन के जानकार पवनपुत्र हनुमान्जी उन भयंकर वानरों से बोले-॥13 1/2॥
At that time Hanuman, the son of the wind, who appeared like a mountain peak and was knowledgeable about the inaccessible forest, spoke to those fierce monkeys -॥ 13 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥