श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 49: अङ्गद और गन्धमादन के आश्वासन देने पर वानरों का पुनः उत्साह पूर्वक अन्वेषण-कार्य में प्रवृत्त होना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  4.49.9 
सुग्रीव: क्रोधनो राजा तीक्ष्णदण्डश्च वानरा:।
भेतव्यं तस्य सततं रामस्य च महात्मन:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
सुग्रीव क्रोधी राजा है। उसके दण्ड भी बड़े कठोर हैं। हे वानरों! तुम्हें उससे और महात्मा श्री राम से सदैव डरना चाहिए॥9॥
 
‘Sugreeva is a wrathful king. His punishments are also very harsh. O monkeys! You should always fear him and Mahatma Shri Ram.॥ 9॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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