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श्लोक 4.49.12  |
सदृशं खलु वो वाक्यमङ्गदो यदुवाच ह।
हितं चैवानुकूलं च क्रियतामस्य भाषितम्॥ १२॥ |
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| अनुवाद |
| वानरों! राजकुमार अंगद ने जो कहा है, वह तुम सबके लिए उपयुक्त, हितकर और हितकर है; अतः सब लोग उनके वचनों के अनुसार ही आचरण करें॥ 12॥ |
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| ‘Monkeys! What Prince Angada has said is suitable, beneficial and favourable for you all; therefore everyone should act according to his words.॥ 12॥ |
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