श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 46: सुग्रीव का श्रीरामचन्द्रजी को अपने भूमण्डल-भ्रमण का वृत्तान्त बताना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  4.46.10 
आजगाम ततो वाली हत्वा तं वानरर्षभ:।
ततोऽहमददां राज्यं गौरवाद् भययन्त्रित:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
तब श्रेष्ठ वानर उस राक्षस को मारकर वहाँ आये। उनके आते ही मैंने अपने भाई के अभिमान से भयभीत होकर उन्हें राज्य लौटा दिया॥10॥
 
‘Then the best of the monkeys arrived after killing the demon. As soon as he arrived, I, fearful of my brother's pride, returned the kingdom to him.॥10॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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