श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 46: सुग्रीव का श्रीरामचन्द्रजी को अपने भूमण्डल-भ्रमण का वृत्तान्त बताना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  4.46.1 
गतेषु वानरेन्द्रेषु राम: सुग्रीवमब्रवीत्।
कथं भवान् विजानीते सर्वं वै मण्डलं भुव:॥ १॥
 
 
अनुवाद
उन सब वानर-नेताओं के चले जाने पर भगवान् राम ने सुग्रीव से पूछा - 'मित्र! तुम पृथ्वी पर स्थित सभी स्थानों का पता कैसे जानते हो?'॥1॥
 
After all those monkey leaders had left, Lord Rama asked Sugreev - 'Friend! How do you know the locations of all the places on the earth?'॥ 1॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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