| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड » सर्ग 44: श्रीराम का हनुमान जी को अँगूठी देकर भेजना » श्लोक 4 |
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| | | | श्लोक 4.44.4  | सासुरा: सहगन्धर्वा: सनागनरदेवता:।
विदिता: सर्वलोकास्ते ससागरधराधरा:॥ ४॥ | | | | | | अनुवाद | | ‘आप दैत्यों, गन्धर्वों, नागों, मनुष्यों, देवताओं, समुद्रों और पर्वतों सहित सम्पूर्ण जगत् का ज्ञान रखते हैं। 4॥ | | | | ‘You have knowledge of the entire world including demons, Gandharvas, serpents, humans, gods, seas and mountains. 4॥ | | ✨ ai-generated | | |
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