Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.42.41-42: ‘विश्वेदेव, वसु, मरुद्गण आदि देवता सायंकाल के समय उत्तम पर्वत पर आकर सूर्यदेव की पूजा करते हैं। उनके द्वारा भलीभाँति पूजा करके भगवान सूर्य समस्त प्राणियों की आँखों से ओझल होकर सूर्यास्त में चले जाते हैं। 41-42॥ | ramayan सर्ग 4.42: सुग्रीव का पश्चिम दिशा के स्थानों का परिचय देते हुए सुषेण आदि वानरों को वहाँ भेजना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘विश्वेदेव, वसु, मरुद्गण आदि देवता सायंकाल के समय उत्तम पर्वत पर आकर सूर्यदेव की पूजा करते हैं। उनके द्वारा भलीभाँति पूजा करके भगवान सूर्य समस्त प्राणियों की आँखों से ओझल होकर सूर्यास्त में चले जाते हैं। 41-42॥
‘Vishvedev, Vasu, Marudgan and other gods come to Uttam mountain in the evening and worship the Sun God. After being worshiped well by them, Lord Surya disappears from the eyes of all living beings and goes into the sunset. 41-42॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥