श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 42: सुग्रीव का पश्चिम दिशा के स्थानों का परिचय देते हुए सुषेण आदि वानरों को वहाँ भेजना  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  4.42.35 
यस्मिन् हरिहय: श्रीमान् महेन्द्र: पाकशासन:।
अभिषिक्त: सुरै राजा मेघो नाम स पर्वत:॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
'उस पर्वत का नाम मेघगिरि है। जिस पर देवताओं ने हरे घोड़े वाले श्रीमान् पक्षाशान इन्द्र को राजा के रूप में अभिषिक्त किया था।' 35.
 
‘The name of that mountain is Meghgiri. On which the gods had anointed Shriman Pakshashan Indra who had a green horse as the king. 35.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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