श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 42: सुग्रीव का पश्चिम दिशा के स्थानों का परिचय देते हुए सुषेण आदि वानरों को वहाँ भेजना  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  4.42.27 
चतुर्भागे समुद्रस्य चक्रवान् नाम पर्वत:।
तत्र चक्रं सहस्रारं निर्मितं विश्वकर्मणा॥ २७॥
 
 
अनुवाद
'समुद्र के चौथे भाग में चक्रवन नामक पर्वत है। यहीं पर विश्वकर्मा ने सहस्रार चक्र का निर्माण किया था।
 
‘In the fourth part of the ocean there is a mountain called Chakravan. It was there that Vishwakarma created the Sahasrar Chakra.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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