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ramayan 4.42.26: वह सुन्दर पर्वत वहाँ सौ योजन क्षेत्र में स्थित है। उसकी लम्बाई-चौड़ाई दोनों बराबर हैं। हे वानरों! उस पर्वत पर अनेक गुफाएँ हैं। उन सब में बड़े यत्न से सीता की खोज करनी चाहिए॥ 26॥   |   ramayan सर्ग 4.42: सुग्रीव का पश्चिम दिशा के स्थानों का परिचय देते हुए सुषेण आदि वानरों को वहाँ भेजना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 42: सुग्रीव का पश्चिम दिशा के स्थानों का परिचय देते हुए सुषेण आदि वानरों को वहाँ भेजना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  4.42.26 
श्रीमान् समुदितस्तत्र योजनानां शतं समम्।
गुहास्तत्र विचेतव्या: प्रयत्नेन प्लवङ्गमा:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
वह सुन्दर पर्वत वहाँ सौ योजन क्षेत्र में स्थित है। उसकी लम्बाई-चौड़ाई दोनों बराबर हैं। हे वानरों! उस पर्वत पर अनेक गुफाएँ हैं। उन सब में बड़े यत्न से सीता की खोज करनी चाहिए॥ 26॥
 
That beautiful mountain is situated there in an area of ​​hundred yojanas. Its length and breadth are both equal. O monkeys! There are many caves on that mountain. Sita should be searched for in all of them with great effort.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)