श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 41: सुग्रीव का दक्षिण दिशा के स्थानों का परिचय देते हुए वहाँ प्रमुख वानर वीरों को भेजना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  4.41.7 
ये केचन समुद्देशास्तस्यां दिशि सुदुर्गमा:।
कपीश: कपिमुख्यानां स तेषां समुदाहरत्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
वानरराज सुग्रीव ने भी श्रेष्ठ वानरों को उस दिशा के उन सभी स्थानों का परिचय कराया जो अत्यंत दुर्गम थे।॥7॥
 
King of the apes Sugreeva also introduced the best of the monkeys to all the places in that direction that were extremely inaccessible.*॥ 7॥
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