श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 41: सुग्रीव का दक्षिण दिशा के स्थानों का परिचय देते हुए वहाँ प्रमुख वानर वीरों को भेजना  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  4.41.46 
सर्वमेतत् समालोक्य यच्चान्यदपि दृश्यते।
गतिं विदित्वा वैदेह्या: संनिवर्तितुमर्हथ॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
इन सब स्थानों को भली-भाँति देखकर, जो अन्य स्थान अन्वेषण योग्य प्रतीत हो, वहाँ विदेहकुमारी की खोज करो; तत्पश्चात् तुम सब लोग लौट आओ॥ 46॥
 
After looking thoroughly at all these places, search for Videha Kumari in any other place that appears worthy of investigation; thereafter you all should return.॥ 46॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd