श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 39: श्रीरामचन्द्रजी का सुग्रीव के प्रति कृतज्ञता प्रकट करना तथा विभिन्न वानरयूथपतियों का अपनी सेनाओं के साथ  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  4.39.19 
गोलाङ्गूलमहाराजो गवाक्षो भीमविक्रम:।
वृत: कोटिसहस्रेण वानराणामदृश्यत॥ १९॥
 
 
अनुवाद
तभी उन्होंने लंगूर प्रजाति के वानरों के राजा, पराक्रमी और निर्भीक गवाक्ष को देखा। उनके साथ दस अरब वानरों की सेना थी।
 
Then he saw the mighty and fearless Gavaksha, the king of the langur-species monkeys. He had an army of ten billion monkeys with him.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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