श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 36: सुग्रीव का अपनी लघुता तथा श्रीराम की महत्ता बताते हए लक्ष्मण से क्षमा माँगना और लक्ष्मण का उनकी प्रशंसा करके उन्हें अपने साथ चलने के लिये कहना  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  4.36.18 
सदृशश्चासि रामेण विक्रमेण बलेन च।
सहायो दैवतैर्दत्तश्चिराय हरिपुंगव॥ १८॥
 
 
अनुवाद
कपिराज! आप बल और पराक्रम में भगवान श्री राम के समान हैं। देवताओं ने हमें बहुत समय से आपके समान सहायक प्रदान किया है॥18॥
 
Kapiraaj! You are equal to Lord Shri Ram in strength and valour. The gods have given us a helper like you for a long time.॥ 18॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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