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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड
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सर्ग 36: सुग्रीव का अपनी लघुता तथा श्रीराम की महत्ता बताते हए लक्ष्मण से क्षमा माँगना और लक्ष्मण का उनकी प्रशंसा करके उन्हें अपने साथ चलने के लिये कहना
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श्लोक 13
श्लोक
4.36.13
सर्वथा हि मम भ्राता सनाथो वानरेश्वर।
त्वया नाथेन सुग्रीव प्रश्रितेन विशेषत:॥ १३॥
अनुवाद
वानरराज सुग्रीव! मेरे भाई राम की अच्छी देखभाल हो रही है, खासकर इसलिए क्योंकि उनके पास आप जैसा विनम्र सहायक है।
Monkey King Sugreeva! My brother Rama is well taken care of, especially because he has a humble helper like you.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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