vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड
»
सर्ग 32: हनुमान जी का चिन्तित हुए सुग्रीव को समझाना
»
श्लोक 19
श्लोक
4.32.19
अभिक्रुद्ध: समर्थो हि चापमुद्यम्य राघव:।
सदेवासुरगन्धर्वं वशे स्थापयितुं जगत्॥ १९॥
अनुवाद
‘यदि भगवान् श्री राम क्रोधित होकर धनुष हाथ में ले लें, तो वे देवता, दानव और गन्धर्वों सहित सम्पूर्ण जगत् को वश में कर सकते हैं।’॥19॥
‘If Lord Shri Ram gets angry and takes the bow in his hand, then he can control the entire world including the gods, demons and Gandharvas. 19॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd