Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.31.51: ‘राजन! धर्मात्मा श्री रामजी जो कुछ कहें, उसका ध्यानपूर्वक पालन करो। अपने वचन पर दृढ़ रहो और सत्यनिष्ठ रहो।’॥ 51॥ | ramayan सर्ग 4.31: सुग्रीव पर लक्ष्मण का रोष, लक्ष्मण का किष्किन्धा के द्वार पर जाकर अङ्गद को सुग्रीव के पास भेजना, प्लक्ष और प्रभाव का सुग्रीव को कर्तव्य का उपदेश देना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘राजन! धर्मात्मा श्री रामजी जो कुछ कहें, उसका ध्यानपूर्वक पालन करो। अपने वचन पर दृढ़ रहो और सत्यनिष्ठ रहो।’॥ 51॥
‘King! Whatever the righteous Shri Ram says, follow it carefully. Be firm on your word and be truthful.’॥ 51॥
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये किष्किन्धाकाण्डे एकत्रिंश: सर्ग: ॥ ३ १॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके किष्किन्धाकाण्डमें इकतीसवाँ सर्ग पूरा हुआ ॥ ३ १॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥