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ते महौघनिभं दृष्ट्वा वज्राशनिसमस्वनम्।
सिंहनादं समं चक्रुर्लक्ष्मणस्य समीपत:॥ ४०॥
अनुवाद
लक्ष्मण के दृष्टि में आते ही सुग्रीव के समीप उपस्थित सभी वानर एक साथ बड़े जोर से गरजे, मानो जल की बड़ी धारा और गड़गड़ाहट की आवाज हो (जिससे सुग्रीव जाग गया)।
As soon as they fell in sight of Lakshmana, all those monkeys in the vicinity of Sugreeva roared loudly, like the sound of a great torrent of water and the rumbling of thunder, simultaneously (which woke Sugreeva up).
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥