Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 4.31.35: लक्ष्मण के वचन सुनकर शोकग्रस्त अंगद अपने पिता सुग्रीव के पास आये और बोले - 'पिताजी! ये सुमित्रानन्दन लक्ष्मण यहाँ आये हैं ॥35॥   |   ramayan सर्ग 4.31: सुग्रीव पर लक्ष्मण का रोष, लक्ष्मण का किष्किन्धा के द्वार पर जाकर अङ्गद को सुग्रीव के पास भेजना, प्लक्ष और प्रभाव का सुग्रीव को कर्तव्य का उपदेश देना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 31: सुग्रीव पर लक्ष्मण का रोष, लक्ष्मण का किष्किन्धा के द्वार पर जाकर अङ्गद को सुग्रीव के पास भेजना, प्लक्ष और प्रभाव का सुग्रीव को कर्तव्य का उपदेश देना  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  4.31.35 
लक्ष्मणस्य वच: श्रुत्वा शोकाविष्टोऽङ्गदोऽब्रवीत्।
पितु: समीपमागम्य सौमित्रिरयमागत:॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
लक्ष्मण के वचन सुनकर शोकग्रस्त अंगद अपने पिता सुग्रीव के पास आये और बोले - 'पिताजी! ये सुमित्रानन्दन लक्ष्मण यहाँ आये हैं ॥35॥
 
Hearing Lakshman's words, the grief stricken Angada came near his father Sugriva and said - 'Father! This Sumitranandan Laxman has come here. 35॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)