Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.31.16: इक्ष्वाकुवंश के सिंह लक्ष्मण ने निकट जाकर वानरराज सुग्रीव की विशाल किष्किन्धा नगरी देखी, जो पर्वतों के मध्य में स्थित थी। वह नगरी वानर सेना के निवास के कारण अन्य लोगों के लिए दुर्गम थी।॥16॥ | ramayan सर्ग 4.31: सुग्रीव पर लक्ष्मण का रोष, लक्ष्मण का किष्किन्धा के द्वार पर जाकर अङ्गद को सुग्रीव के पास भेजना, प्लक्ष और प्रभाव का सुग्रीव को कर्तव्य का उपदेश देना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इक्ष्वाकुवंश के सिंह लक्ष्मण ने निकट जाकर वानरराज सुग्रीव की विशाल किष्किन्धा नगरी देखी, जो पर्वतों के मध्य में स्थित थी। वह नगरी वानर सेना के निवास के कारण अन्य लोगों के लिए दुर्गम थी।॥16॥
Lakshmana, the lion of the Ikshwaku clan, went near and saw the huge city of Kishkinda, the city of the monkey king Sugreeva, which was situated in the middle of the mountains. That city was inaccessible to others because it was inhabited by the monkey army.॥16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥