Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 4.30.79: सुग्रीव अपने मन्त्रियों और परिवार के साथ क्रीड़ाओं में रमे हुए हैं और नाना प्रकार के पेय पदार्थों का सेवन कर रहे हैं। हम लोग शोक से व्याकुल हैं। फिर भी वे हम पर दया नहीं कर रहे हैं॥ 79॥   |   ramayan सर्ग 4.30: शरद्-ऋतु का वर्णन तथा श्रीराम का लक्ष्मण को सुग्रीव के पास जाने का आदेश देना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 30: शरद्-ऋतु का वर्णन तथा श्रीराम का लक्ष्मण को सुग्रीव के पास जाने का आदेश देना  »  श्लोक 79
 
 
श्लोक  4.30.79 
सामात्यपरिषत्क्रीडन् पानमेवोपसेवते।
शोकदीनेषु नास्मासु सुग्रीव: कुरुते दयाम्॥ ७९॥
 
 
अनुवाद
सुग्रीव अपने मन्त्रियों और परिवार के साथ क्रीड़ाओं में रमे हुए हैं और नाना प्रकार के पेय पदार्थों का सेवन कर रहे हैं। हम लोग शोक से व्याकुल हैं। फिर भी वे हम पर दया नहीं कर रहे हैं॥ 79॥
 
Sugreeva, along with his ministers and family, is engrossed in the fun and frolic of games and consuming various beverages. We are distraught with grief. Still he is not showing mercy on us.॥ 79॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)