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ramayan 4.30.63: लक्ष्मण! जरा देखो, हंस, सारस, चक्रवाक और कुरर पक्षी नदी के तट पर फैले हुए हैं।   |   ramayan सर्ग 4.30: शरद्-ऋतु का वर्णन तथा श्रीराम का लक्ष्मण को सुग्रीव के पास जाने का आदेश देना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  4.30.63 
हंससारसचक्राह्वै: कुररैश्च समन्तत:।
पुलिनान्यवकीर्णानि नदीनां पश्य लक्ष्मण॥ ६३॥
 
 
अनुवाद
लक्ष्मण! जरा देखो, हंस, सारस, चक्रवाक और कुरर पक्षी नदी के तट पर फैले हुए हैं।
 
Lakshmana! Just look, there are swans, cranes, chakravakas and kurar birds spread all over the river banks. 63.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)