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ramayan 4.30.59: सौम्य! सभी जलाशयों का जल स्वच्छ हो गया है। वहाँ कुरार पक्षियों का कलरव गूँज रहा है और चक्रवाकों के समुदाय चारों ओर फैले हुए हैं। इस प्रकार वे जलाशय अत्यंत सुन्दर हो रहे हैं। 59।   |   ramayan सर्ग 4.30: शरद्-ऋतु का वर्णन तथा श्रीराम का लक्ष्मण को सुग्रीव के पास जाने का आदेश देना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  4.30.59 
प्रसन्नसलिला: सौम्य कुरराभिविनादिता:।
चक्रवाकगणाकीर्णा विभान्ति सलिलाशया:॥ ५९॥
 
 
अनुवाद
सौम्य! सभी जलाशयों का जल स्वच्छ हो गया है। वहाँ कुरार पक्षियों का कलरव गूँज रहा है और चक्रवाकों के समुदाय चारों ओर फैले हुए हैं। इस प्रकार वे जलाशय अत्यंत सुन्दर हो रहे हैं। 59।
 
‘Soumya! The waters of all the water bodies have become clean. The chirping of the Kurar birds is resonating there and the communities of Chakravakas are scattered all around. In this way, those water bodies are becoming very beautiful. 59.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)