Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.30.56: आज उन वनों में, जो सरकण्डों और आसन वृक्षों की पुष्पमालाओं से सुशोभित हैं और जहाँ हर्षित भौंरों का शब्द गूँज रहा है, भयंकर धनुर्धर कामदेव प्रकट हुए हैं। वे हाथ में धनुष लेकर वियोगियों को दण्ड देने के लिए तत्पर हैं और अत्यन्त क्रोध प्रकट कर रहे हैं॥ 56॥ | ramayan सर्ग 4.30: शरद्-ऋतु का वर्णन तथा श्रीराम का लक्ष्मण को सुग्रीव के पास जाने का आदेश देना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आज उन वनों में, जो सरकण्डों और आसन वृक्षों की पुष्पमालाओं से सुशोभित हैं और जहाँ हर्षित भौंरों का शब्द गूँज रहा है, भयंकर धनुर्धर कामदेव प्रकट हुए हैं। वे हाथ में धनुष लेकर वियोगियों को दण्ड देने के लिए तत्पर हैं और अत्यन्त क्रोध प्रकट कर रहे हैं॥ 56॥
Today, in those forests which are beautified by the blooming of reeds and asana trees and where the sound of joyful bees keeps resounding, the fierce archer Kamadeva has appeared. With bow in his hand, he is ready to punish the separated ones and is displaying extreme wrath.॥ 56॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥