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ramayan 4.30.12: ऐसा हो सकता है कि शरद ऋतु के गुणों के कारण निरन्तर बढ़ने वाली कामवासना भामिनी सीता को महान् कष्ट दे; क्योंकि इस संभावना के दो कारण हैं - प्रथम तो वह मेरे वियोग से दुःखी हो रही है, दूसरे वह अत्यन्त सुकुमार होने के कारण इस दुःख को सहन न कर सके।॥12॥   |   ramayan सर्ग 4.30: शरद्-ऋतु का वर्णन तथा श्रीराम का लक्ष्मण को सुग्रीव के पास जाने का आदेश देना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 30: शरद्-ऋतु का वर्णन तथा श्रीराम का लक्ष्मण को सुग्रीव के पास जाने का आदेश देना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  4.30.12 
अपि तां मद्वियोगाच्च सौकुमार्याच्च भामिनीम्।
सुदूरं पीडयेत् काम: शरद‍्गुणनिरन्तर:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
ऐसा हो सकता है कि शरद ऋतु के गुणों के कारण निरन्तर बढ़ने वाली कामवासना भामिनी सीता को महान् कष्ट दे; क्योंकि इस संभावना के दो कारण हैं - प्रथम तो वह मेरे वियोग से दुःखी हो रही है, दूसरे वह अत्यन्त सुकुमार होने के कारण इस दुःख को सहन न कर सके।॥12॥
 
It may happen that the lust which is constantly increasing due to the qualities of autumn season may cause great distress to Bhaamini Sita; for there are two reasons for this possibility - firstly she is in pain due to my separation, secondly she may not be able to bear this pain due to being very delicate.'॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)