Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.30.1: उपर्युक्त आज्ञा देकर सुग्रीव अपने महल में चले गए और उधर श्री रामचंद्रजी, जो वर्षा की रातों में प्रस्रवणगिरि पर निवास करते थे, आकाश के बादलों से रहित हो जाने पर सीता से मिलने की इच्छा से विरह-दुःख से अत्यन्त वेदना अनुभव करने लगे॥1॥ | ramayan सर्ग 4.30: शरद्-ऋतु का वर्णन तथा श्रीराम का लक्ष्मण को सुग्रीव के पास जाने का आदेश देना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उपर्युक्त आज्ञा देकर सुग्रीव अपने महल में चले गए और उधर श्री रामचंद्रजी, जो वर्षा की रातों में प्रस्रवणगिरि पर निवास करते थे, आकाश के बादलों से रहित हो जाने पर सीता से मिलने की इच्छा से विरह-दुःख से अत्यन्त वेदना अनुभव करने लगे॥1॥
Giving the above orders, Sugriva went to his palace and on the other hand, Shri Ramchandraji, who used to reside on Prasravanagiri during the rainy nights, started feeling extreme pain due to the grief of separation due to the desire to meet Sita after the sky became free and clear of clouds. 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥